मैं सब ले आई थी मन ही मन में तुम्हारा लहजा तुम्हारा व्यक्तित्व! मैं सब ले आई थी मन ही मन में तुम्हारा लहजा तुम्हारा व्यक्तित्व!
" शोर की इस भीड़ में .. ख़ामोश तन्हाई-सी तुम... ज़िन्दगी है धूप तो .. मदमस्त पुरवाई-सी " शोर की इस भीड़ में .. ख़ामोश तन्हाई-सी तुम... ज़िन्दगी है धूप तो .. मदमस्त ...
हम मिलेंगे एक राह मे फिर से रह लेंगे तुम्हारे हम मिलेंगे एक राह मे फिर से रह लेंगे तुम्हारे
ज़िंदगी सवार कर रखनी चाहिए ज़िंदगी सवार कर रखनी चाहिए
सारी दुनिया की खुशियाँ , तुमने अपनी नन्ही बाँहों में समेटी, आई लव यू , ओह मेरी छो सारी दुनिया की खुशियाँ , तुमने अपनी नन्ही बाँहों में समेटी, आई लव यू ,...
आया ऋतुराज वसंत मिट्टी सोंधी सी महक उठी है, मेरे आँगन में भी चिड़िया चहकी है। आया ऋतुराज वसंत मिट्टी सोंधी सी महक उठी है, मेरे आँगन में भी चिड़िया चहक...